भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बड़े फैसले लिए गए हैं, जिनसे राज्य के शिक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, और स्पेसटेक क्षेत्र में नए अवसर और विकास की राह खुलने वाली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई. इनमें शिक्षकों के वेतन में वृद्धि, सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना, सोलर परियोजनाओं की स्वीकृति, और सिंचाई परियोजनाओं के लिए भारी निवेश जैसे फैसले शामिल हैं.
शिक्षकों की वेतन वृद्धि
मंत्रि-परिषद ने शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है. 1 जुलाई 2023 या उसके बाद 35 साल की सेवा पूरी करने वाले सहायक शिक्षक, शिक्षक, और नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान मिलेगा. इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है. इस फैसले से राज्य के शिक्षकों को न केवल वित्तीय राहत मिलेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बल मिलेगा, जो अपने कार्य में उत्कृष्टता की दिशा में योगदान दे रहे हैं.
सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3,660 करोड़ रुपये की मंजूरी
शिक्षा क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए, मंत्रि-परिषद ने द्वितीय चरण में 200 सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना के लिए 3,660 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. इन विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक होगी और यह बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए नए अवसर प्रदान करेंगे. यह कदम राज्य में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
सोलर परियोजनाओं की स्वीकृति
प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मंत्रि-परिषद ने तीन सोलर सह स्टोरेज परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की है. इनमें रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही परियोजना के तहत सोलर-सह चार घंटे 300 मेगावाट, सोलर सह छह घंटे 300 मेगावाट, और सोलर-सह 24 घंटे 200 मेगावाट विद्युत प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजना शामिल है. इस परियोजना से राज्य में पीक डिमांड के समय सस्ती, स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी.
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रुपये की स्वीकृति
राज्य के कृषक समुदाय के लिए एक और राहत की खबर है. मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ और रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी है. इनमें राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना, रायसेन जिले की सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना, और बरेली तहसील की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना शामिल हैं. इन परियोजनाओं से लगभग 32,000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा होगी, जिससे 20,000 से अधिक कृषक परिवारों को लाभ होगा.
मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026
प्रदेश में अंतरिक्ष-ग्रेड विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए "म.प्र. स्पेसटेक नीति-2026" को लागू करने की स्वीकृति भी मंत्रि-परिषद ने दी है. इस नीति का उद्देश्य उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देना है. इसके तहत प्रदेश में आगामी 5 वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 8,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे. इस नीति से मध्य प्रदेश को एक वैश्विक स्पेसटेक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.