प्यार इंसान से क्या-क्या करवा सकता है, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं होता. कई बार भावनाएं इतनी गहरी हो जाती हैं कि सही और गलत के बीच की रेखा धुंधली पड़ जाती है. अमेरिका के टेनेसी राज्य से सामने आई एक महिला की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसने दुनिया को हैरानी में डाल दिया. पति की मौत के बाद इस महिला का गम इतना गहरा हो गया कि उसने उसकी अस्थियों को ही अपने जीवन का हिस्सा बना लिया.
कैसि (Cassie) नाम की इस महिला की दुनिया उस दिन उजड़ गई, जब उसके पति की अचानक अस्थमा अटैक से मौत हो गई. यह सदमा उसके लिए सहन करना बेहद मुश्किल था. पति से गहरे लगाव के चलते वह हर समय उनकी यादों में डूबी रहती और उनकी अस्थियों से भरा कलश हमेशा अपने पास रखती थी. यह कलश उसके लिए सिर्फ राख नहीं, बल्कि पति की आखिरी निशानी था.
एक इत्तेफाक, जिसने ले ली लत का रूप
कैसि की यह अजीब आदत किसी योजना का नतीजा नहीं थी, बल्कि एक अनजाने हादसे से शुरू हुई. एक दिन कलश से थोड़ी सी राख उनके हाथ पर गिर गई. आमतौर पर कोई भी व्यक्ति उसे झाड़ देता, लेकिन कैसि ने भावनाओं में बहकर हाथ धोने की बजाय राख को चाट लिया. उसी पल से एक ऐसी आदत की शुरुआत हुई, जिसने धीरे-धीरे लत का रूप ले लिया.
She eats her husbands ashes 5-6 times a day 😬 pic.twitter.com/2L9KMWQs31
— non aesthetic things (@PicturesFoIder) July 7, 2024
खाने में भी मिलाने लगी पति की राख
हैरानी की बात यह है कि कैसि सिर्फ अस्थियों को चाटने तक ही सीमित नहीं रहीं. वह अपने खाने पर भी उसे किसी मसाले की तरह छिड़कने लगीं. उनके अनुसार, उस राख का स्वाद सड़े हुए अंडे जैसा था, लेकिन फिर भी वह खुद को रोक नहीं पाती थीं. कैसि का कहना था कि वह अपने पति को पूरी तरह खोना नहीं चाहतीं, इसलिए उन्हें अपने भीतर महसूस करना चाहती हैं.
डॉक्टरों और विशेषज्ञों की बढ़ी चिंता
कैसि की यह कहानी साल 2011 में TLC के चर्चित शो My Strange Addiction के जरिए दुनिया के सामने आई. शो के दौरान हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस आदत पर गंभीर चिंता जताई थी. विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतिम संस्कार के बाद बची राख में कई तरह के केमिकल्स और टॉक्सिन्स मौजूद हो सकते हैं, जो इंसानी शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं.
क्या है यह बीमारी?
डॉक्टरों ने इसे ‘पिका’ (Pica) नामक ईटिंग डिसऑर्डर बताया. इस मानसिक स्थिति में व्यक्ति ऐसी चीजें खाने लगता है, जो भोजन की श्रेणी में नहीं आतीं. जैसे मिट्टी, बाल, कागज, सीमेंट, धातु या अन्य हानिकारक वस्तुएं. यह बीमारी अक्सर गहरे मानसिक आघात या भावनात्मक खालीपन से जुड़ी होती है. भले ही इस घटना को कई साल बीत चुके हों, लेकिन कैसि का इंटरव्यू आज भी सोशल मीडिया पर वायरल होता रहता है. यह कहानी न सिर्फ प्यार की गहराई को दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि अत्यधिक भावनात्मक दर्द इंसान को किस हद तक ले जा सकता है.
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