हेलिकॉप्टर, टैंक से रॉकेट लॉन्चर तक... आर्मी डे परेड में भारतीय सेना का शक्ति प्रदर्शन, देखें VIDEO

    राजस्थान की राजधानी जयपुर ने गुरुवार को भारतीय सेना की शौर्यगाथा, आधुनिक सैन्य क्षमता और स्वदेशी ताकत का भव्य प्रदर्शन देखा.

    VIDEO of Indian Army show of strength in Army Day Parade
    Image Source: Social Media

    Army Day Parade: राजस्थान की राजधानी जयपुर ने गुरुवार को भारतीय सेना की शौर्यगाथा, आधुनिक सैन्य क्षमता और स्वदेशी ताकत का भव्य प्रदर्शन देखा. आर्मी डे 2026 के अवसर पर पहली बार सेना दिवस की परेड को दिल्ली से बाहर, आम जनता के बीच सड़कों पर आयोजित किया गया. यह परेड गणतंत्र दिवस की तर्ज पर आयोजित की गई, जिसमें भारतीय सेना की ताकत, रणनीतिक क्षमता और ऑपरेशन सिंदूर की निर्णायक सफलता को देश के सामने प्रदर्शित किया गया.

    जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर आयोजित इस ऐतिहासिक परेड में हजारों लोग शामिल हुए. करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी परेड ने शहर को राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव के रंग में रंग दिया.

    ऑपरेशन सिंदूर की गूंज सड़कों पर

    पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने जिस तरह दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया था, उसकी झलक इस परेड में साफ नजर आई. ऑपरेशन में निर्णायक भूमिका निभाने वाले सैनिकों, आधुनिक हथियार प्रणालियों और युद्ध के बाद गठित नई सैन्य इकाइयों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया. यह संदेश साफ था कि भारतीय सेना हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है.

    पहली बार दिखीं नई यूनिटें और आधुनिक सैन्य संरचना

    इस आर्मी डे परेड में कई ऐतिहासिक क्षण देखने को मिले. भैरव बटालियन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से मार्च पास्ट किया. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के बाद गठित शक्तिबाण और दिव्यास्त्र यूनिट भी परेड का हिस्सा बनीं, जिन्होंने सेना की नई युद्ध रणनीति और तेजी से बदलते रणक्षेत्र के अनुरूप तैयारियों को दर्शाया.

    मार्च पास्ट में शामिल प्रमुख टुकड़ियों में:

    • आर्टिलरी रेजिमेंट
    • लाइट इन्फैंट्री
    • मद्रास रेजिमेंट
    • राजपूत रेजिमेंट
    • मिक्स्ड स्काउट्स
    • NCC कैडेट्स
    • नेपाल आर्मी बैंड
    • कैलवरी कॉन्टिनजेंट (घोड़ों के साथ)

    शामिल रहीं, जिनकी सटीक कदमताल और अनुशासन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

    आसमान और जमीन से शक्ति प्रदर्शन

    परेड के दौरान पहली बार लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ और अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर ने जयपुर के आसमान में फ्लाई-पास्ट किया. इनके साथ रूद्र और चेतक हेलिकॉप्टर भी शामिल रहे, जिसने एयर पावर की ताकत को दर्शाया.

    जमीन पर भारतीय सेना के आधुनिक हथियारों और प्लेटफॉर्म्स की झलक भी देखने को मिली, जिनमें शामिल थे:

    • T-90 भीष्म टैंक
    • MBT अर्जुन
    • BMP-2 इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल
    • स्मर्च लॉन्ग रेंज रॉकेट सिस्टम
    • ग्रैड मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर
    • K-9 वज्र
    • धनुष आर्टिलरी गन
    • M-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर

    इन हथियारों ने भारत की मारक क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की ताकत को रेखांकित किया.

    एयर डिफेंस और नई तकनीक बनी आकर्षण

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के हमलों को विफल करने वाले एयर डिफेंस सिस्टम भी परेड में खास आकर्षण रहे. इनमें:

    • MRSAM एयर डिफेंस सिस्टम
    • आकाश मिसाइल सिस्टम
    • शिल्का एयर डिफेंस सिस्टम

    शामिल थे, जिन्होंने भारतीय सुरक्षा कवच की मजबूती को दर्शाया.

    इसके अलावा काउंटर-UAS सिस्टम, रोबोटिक म्यूल, और सेना के K-9 डॉग स्क्वॉड—जिसमें देसी और विदेशी नस्लों के प्रशिक्षित सैन्य कुत्ते शामिल थे—भी लोगों के लिए खास आकर्षण बने.

    तीनों सेनाओं की संयुक्त शक्ति का संदेश

    इस परेड में भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना के कंपोनेंट्स ने एक साथ हिस्सा लिया. यह त्रि-सेवा समन्वय और संयुक्त युद्ध क्षमता का स्पष्ट संदेश था. मार्चिंग दस्तों के साथ सेना का बैंड कंटिंजेंट स्वदेशी और सैन्य धुनों पर मार्च करता नजर आया. नेपाल आर्मी का बैंड दस्ता भी परेड का हिस्सा रहा, जिसने भारत-नेपाल की सैन्य मित्रता को मजबूत रूप में दर्शाया.

    वीरता का सार्वजनिक सम्मान

    ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य साहस दिखाने वाले वीर चक्र से सम्मानित सैनिक पहली बार आर्मी डे परेड में आम जनता के सामने नजर आए. इनके साथ परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेता भी मौजूद रहे. जैसे ही ये वीर सैनिक परेड में आगे बढ़े, दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका सम्मान किया.

    दिल्ली से बाहर, जनता के बीच सेना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव के अनुरूप सेना से जुड़े बड़े आयोजनों को राजधानी से बाहर आयोजित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार आर्मी डे जयपुर में मनाया गया. इस आयोजन की जिम्मेदारी साउथ वेस्टर्न कमांड के पास थी. इससे पहले आर्मी डे बेंगलुरु, लखनऊ और पुणे में भी आयोजित किया जा चुका है.

    महल रोड पर करीब 25 हजार दर्शकों के लिए तीन-स्तरीय विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी. आम लोगों के बीच आयोजित इस परेड ने सेना और जनता के बीच मजबूत जुड़ाव को और गहरा किया.

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