पाकिस्तान, जो बार-बार भारत के खिलाफ साजिशें रचता रहता है, एक बार फिर अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आया है. जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से ड्रोन गतिविधि तेज हो गई है, जिसके तहत पाकिस्तान द्वारा भेजे गए ड्रोन की पहचान की गई है. इस बार भारतीय सेना ने पुंछ और सांबा में संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों के खिलाफ फायरिंग की और इलाके में सख्त सुरक्षा इंतजामात किए हैं.
पुंछ में पाकिस्तान ड्रोन की घुसपैठ
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आज एक पाकिस्तानी ड्रोन को देखा गया, जो लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पास दिगवार सेक्टर में घुसने की कोशिश कर रहा था. भारतीय सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्रोन पर 40 से अधिक राउंड फायरिंग की. अधिकारियों का कहना है कि यह ड्रोन पाकिस्तान की 24 PoK यूनिट द्वारा लॉन्च किया गया था, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के 03 POK ब्रिज क्षेत्र से संचालित हो रही थी.
सांबा और अन्य सीमाई क्षेत्रों में बढ़ी सुरक्षा
पुंछ के साथ-साथ, जम्मू के सांबा जिले में भी पाकिस्तान से संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिली है. रामगढ़ सेक्टर में कुछ समय पहले ड्रोन नजर आया, जिससे सुरक्षा बलों में खलबली मच गई. इस सूचना के बाद, सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए.
सुबह से शुरू होगा व्यापक सर्च ऑपरेशन
रात के समय बिजली की कमी के कारण सर्च ऑपरेशन को सुबह की रोशनी में शुरू किया जाएगा. सुरक्षा बल इस दौरान ड्रोन की मौजूदगी, उसकी भूमिका और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की गहरी जांच करेंगे. पूरे क्षेत्र में निगरानी सख्त कर दी गई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.
मंजाकोट से 3.5 किलो IED बरामद
पुंछ और सांबा के अलावा, राजौरी के मंजाकोट इलाके में भी सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है. एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान 3.5 किलो का IED (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किया गया है, जिसे आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था. इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, ताकि अन्य संदिग्ध वस्तुओं को भी बरामद किया जा सके.
केंद्रीय गृह सचिव की उपराज्यपाल से मुलाकात
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद विरोधी अभियानों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई. अधिकारियों ने बताया कि बैठक में जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशनों पर विशेष रूप से विचार किया गया.
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