विकसित भारत युवा नेता संवाद के उद्घाटन मंच से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोवल ने देश के युवाओं को इतिहास, आत्मबल और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने वाला तीखा और भावनात्मक संदेश दिया. उन्होंने कहा कि आज जो भारत आत्मविश्वास से खड़ा दिखता है, वह हमेशा ऐसा नहीं था. इस मुकाम तक पहुंचने के लिए देश ने सदियों तक अपमान, अत्याचार और असहायता झेली है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता.
अजित डोवल ने कहा कि स्वतंत्रता कोई सहज उपलब्धि नहीं थी. हमारे पूर्वजों ने इसकी भारी कीमत चुकाई. उन्होंने बताया कि इतिहास गवाह है कि किस तरह लोगों को फांसी दी गई, गांव जलाए गए, हमारी सभ्यता को मिटाने के प्रयास हुए और मंदिरों को लूटा गया. उस दौर में समाज कई बार बेबस होकर सब कुछ घटते हुए देखता रहा. डोवल के मुताबिक, यह अतीत सिर्फ याद करने के लिए नहीं, बल्कि उससे सबक लेने के लिए है.