ईरान- अमेरिका तनाव के बीच सऊदी का बड़ा ऐलान, ट्रंप को लगेगा तगड़ा झटका!

    Saudi Arabia America Relations: मिडिल ईस्ट इस वक्त सबसे नाज़ुक दौर से गुजर रहा है. ईरान-अमेरिका तनाव ने पूरे क्षेत्र की नींद उड़ा रखी है और युद्ध की आशंकाएं हर दिन और गहरी होती जा रही हैं.

    World Saudi makes big announcement amid Iran-America tension we will not give up our airspace
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    Saudi Arabia America Relations: मिडिल ईस्ट इस वक्त सबसे नाज़ुक दौर से गुजर रहा है. ईरान-अमेरिका तनाव ने पूरे क्षेत्र की नींद उड़ा रखी है और युद्ध की आशंकाएं हर दिन और गहरी होती जा रही हैं. इसी तनाव के बीच सऊदी अरब ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने वॉशिंगटन की रणनीति को बड़ा झटका दे दिया है. रियाद ने साफ शब्दों में अमेरिका को बता दिया है कि ईरान पर किसी भी संभावित हमले के लिए उसका हवाई क्षेत्र इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए हालात बेहद मुश्किल होते जा रहे हैं. अमेरिकी दबाव, लगातार मिल रही धमकियां और इजरायल की सैन्य सक्रियता ने तेहरान में बेचैनी बढ़ा दी है. क्षेत्र के कई देश इस टकराव की आग में झुलसने के डर से सहमे हुए हैं और हर कदम बेहद सतर्कता के साथ उठा रहे हैं.

    सऊदी का साफ इनकार, अमेरिका को झटका

    जिस सऊदी अरब को अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपना सबसे मजबूत सहयोगी मानता रहा है, उसी ने इस बार दूरी बना ली है. सऊदी नेतृत्व ने दो टूक कहा है कि वह इस जंग का हिस्सा नहीं बनेगा और उसके एयरस्पेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में नहीं होगा. यह फैसला अमेरिकी रणनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

    ट्रंप की रणनीति पर सवाल

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी देते रहे हैं और कड़ी कार्रवाई की बात करते रहे हैं. लेकिन सऊदी अरब के इस रुख ने उनकी आक्रामक नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस समर्थन के भरोसे अमेरिका दबाव बना रहा था, वही समर्थन अब कमजोर पड़ता दिख रहा है.

    क्षेत्रीय देश जंग से दूरी चाहते हैं

    मिडिल ईस्ट के कई देश अब खुलकर जंग से दूरी बनाने के संकेत दे रहे हैं. उन्हें डर है कि किसी भी सैन्य टकराव का सीधा असर उनकी सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और स्थिरता पर पड़ेगा. सऊदी अरब का फैसला इसी सोच को मजबूती देता है कि क्षेत्रीय शक्तियां अब टकराव नहीं, बल्कि संतुलन और शांति चाहती हैं.

    बदले समीकरण, बढ़ी अनिश्चितता

    सऊदी अरब के इनकार के बाद मिडिल ईस्ट की तस्वीर और जटिल हो गई है. अमेरिका को अब अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करना होगा. वहीं ईरान के लिए भी यह संकेत है कि क्षेत्रीय समर्थन पूरी तरह अमेरिका के साथ खड़ा नहीं है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह बदले हुए समीकरण मिडिल ईस्ट को युद्ध से दूर ले जाते हैं या तनाव और बढ़ाते हैं.

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