Lionel Messi Event Chaos: कोलकाता के साल्टलेक स्थित विवेकानंद युवाभारती क्रीड़ांगन में शनिवार सुबह अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोन मेसी के सम्मान समारोह के दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई. समारोह के लिए हजारों दर्शकों ने टिकट खरीदे थे, जो 5 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक कीमत के थे. दर्शक मेसी को करीब से देखने और उनसे मिलने के लिए उत्साहित थे, लेकिन वीवीआइपी और सुरक्षा कर्मियों द्वारा घिरे होने के कारण वे उनका ठीक से नज़दीक से दर्शन नहीं कर पाए.
जैसे ही यह स्थिति सामने आई, दर्शकों में रोष फैल गया. कई लोग पानी की बोतलें फेंकने लगे और कुछ दर्शक स्टेडियम की कुर्सियां तोड़ने लगे. भीड़ की उग्रता बढ़ने पर कई लोग फेंसिंग पार करके ग्राउंड में घुस गए और समारोह के लिए तैयार की गई संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया. टेंट में आग लगाई गई और स्टेडियम के गोलपोस्ट के जाल भी फाड़ दिए गए.
Kolkata, West Bengal: Angry fans vandalise the Salt Lake Stadium in Kolkata, alleging poor management of the event
— ANI (@ANI) December 13, 2025
A fan of star footballer Lionel Messi said, "Absolutely terrible event. He came for just 10 minutes. All the leaders and ministers surrounded him. We couldn't see… pic.twitter.com/a3RsbEFmTi
मौके से मेसी का जल्दी निकलना
स्थिति बिगड़ती देख आयोजकों ने तुरंत मेसी को स्टेडियम से बाहर ले जाकर कोलकाता एयरपोर्ट पहुँचाया. वहां से वह हैदराबाद के लिए रवाना हो गए, जहां उनके भारत दौरे का दूसरा चरण निर्धारित था. स्टेडियम में मेसी केवल करीब 20 मिनट ही रह पाए. दर्शकों का कहना है कि हर समय मेसी मंत्रियों, वीवीआइपी और सुरक्षा कर्मियों से घिरे रहे, जिससे कोई उन्हें ठीक से देख नहीं सका.
मुख्य अतिथियों की प्रतिक्रिया
समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जा रही थीं, लेकिन सुरक्षा कारणों और उग्र भीड़ को देखते हुए उन्हें बीच रास्ते ही लौटना पड़ा. इसी घटना के कारण बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने स्टेडियम का दौरा रद्द कर दिया और उन्होंने अपने होटल में ही मेसी से मुलाकात की. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी घटनास्थल पर पहुंचे थे, लेकिन हालात बिगड़ते देख वे तुरंत वापस चले गए. बंगाल के खेल मंत्री अरूप विश्वास घटना के समय स्टेडियम में मौजूद थे.
पुलिस कार्रवाई और आयोजकों की जिम्मेदारी
पुलिस ने मेसी के भारत दौरे के मुख्य आयोजक शताद्रु दत्ता को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया. बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार ने कहा कि इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही राज्य पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जावेद शमीम ने बताया कि आयोजकों ने दर्शकों को टिकट की पूरी राशि लौटाने का आश्वासन दिया है.
मेसी की प्रतिमा का उद्घाटन और समारोह की शुरुआत
मेसी शुक्रवार रात कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे और सीधे अपने होटल चले गए. सुबह कार्यक्रम में भाग लेने से पहले उन्होंने वर्चुअली लेकटाउन इलाके में स्थापित 70 फुट ऊंची अपनी प्रतिमा का उद्घाटन किया. यह प्रतिमा विश्व में उनकी सबसे ऊंची प्रतिमा है.
मुख्यमंत्री की माफी और जांच कमेटी का गठन
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और मेसी तथा खेल प्रेमियों से माफी मांगी. उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) असीम कुमार राय की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी में मुख्य सचिव और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी शामिल होंगे.
दर्शकों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था की कमी
दर्शक मेसी के करीब से न दिखने और समारोह में अव्यवस्था के कारण बेहद नाराज़ थे. कई लोगों ने कहा कि आयोजन में पर्याप्त सुरक्षा और दर्शकों के नियंत्रण की व्यवस्था नहीं थी. स्टेडियम में वीवीआइपी प्रोटोकॉल ने सामान्य दर्शकों को मेसी से मिलने और फोटो लेने से रोक दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
इस घटना ने न केवल कोलकाता के खेल आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि भारत में बड़े सितारों के सार्वजनिक कार्यक्रमों के प्रबंधन की चुनौतियों को भी सामने लाया.
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