Weather Update: जनवरी की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत कड़ाके की सर्दी की गिरफ्त में आ गया है. खासतौर पर राजधानी दिल्ली में ठंड ने इस बार पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. तापमान में अचानक आई भारी गिरावट ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है और सड़कों से लेकर घरों तक कंपकंपी महसूस की जा रही है. मौसम विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में हालात फिलहाल और सख्त होने वाले हैं.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली के आयानगर इलाके में रविवार रात न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे निचला स्तर है. राजधानी के कई हिस्सों में पारा 3 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री नीचे चला जाए, तो उसे शीत लहर की स्थिति माना जाता है. मौजूदा हालात इसी श्रेणी में आते हैं. पालम वेदर स्टेशन पर 3.0 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ, जो बीते 13 सालों में सबसे कम है. वहीं सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी में तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसके आने वाली रातों में और गिरने की आशंका जताई गई है. रिज इलाके में भी ठंड का असर साफ दिखा, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री और अधिकतम 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा.
ठंड के साथ प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किल
दिल्लीवासियों को सिर्फ ठंड ही नहीं, बल्कि प्रदूषण की मार भी झेलनी पड़ रही है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार सोमवार सुबह राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 293 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. यह शनिवार के मुकाबले हल्की बढ़ोतरी को दर्शाता है. ठंडी हवाओं और कम दृश्यता के कारण सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को खास एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है.
कोहरा और स्मॉग से घिरी राजधानी
सोमवार सुबह धौला कुआं, सराय काले खां समेत कई इलाकों में हल्का कोहरा देखने को मिला. तेज हवाओं के चलते ठंड का असर और बढ़ गया. स्मॉग की पतली परत के कारण कई जगह दृश्यता कम रही. बीते दिनों हल्की बारिश के बाद तापमान में और गिरावट आई थी. इस बीच, कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल भी जारी है, जहां सुरक्षा बल कड़ाके की ठंड में अभ्यास कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में भी बढ़ी गलन
उत्तर प्रदेश में भी शीत लहर ने लोगों को परेशान कर रखा है. राजधानी लखनऊ में न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. मेरठ में पारा 4 डिग्री तक गिर गया, जबकि बहराइच में 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. हालांकि दिन में तेज धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर 23.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत अस्थायी है और गलन फिर लौटेगी.
राजस्थान में पारा शून्य के नीचे
राजस्थान में सर्दी ने और भी सख्त रूप ले लिया है. प्रतापगढ़ और बाड़मेर जैसे इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है. पिलानी में न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री, सीकर में 1.7 डिग्री और लूणकरनसर में 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. चूरू और झुंझुनू में भी ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है.
पंजाब, हरियाणा और कश्मीर में हालात गंभीर
पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री और हरियाणा के हिसार में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी ठंड का असर बना हुआ है. वहीं जम्मू-कश्मीर में सर्दी अपने चरम पर है. श्रीनगर में तापमान शून्य से 5 डिग्री नीचे चला गया है, जबकि शोपियां और पहलगाम जैसे इलाकों में पारा माइनस 8 डिग्री तक पहुंच गया. कश्मीर घाटी में इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर जारी है, जिसमें 40 दिनों तक कड़ाके की ठंड और बर्फबारी की आशंका बनी रहती है.कुल मिलाकर, उत्तर भारत इस समय सर्दी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है. मौसम विभाग के संकेत साफ हैं कि आने वाले कुछ दिन भी राहत भरे नहीं होंगे, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाने की जरूरत है.
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