Under-19 World Cup: आईसीसी अंडर 19 विश्व कप का बिगुल बज चुका है और पहले ही दिन भारतीय टीम ने अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की. भारत और यूएसए के बीच खेले गए पहले मैच में सभी की नजरें भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर थीं. हालांकि, बल्लेबाजी करते वक्त वह अपनी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने एक ऐतिहासिक काम किया, जिसे क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा.
भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिए यूएसए को किया आमंत्रित
मैच की शुरुआत में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर यूएसए को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. यूएसए की टीम इस फैसले के बावजूद अपने प्रदर्शन से उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. पूरी टीम महज 35.2 ओवर में ही 107 रन के स्कोर पर सिमट गई. इससे भारतीय टीम को मैच जीतने का एक अच्छा मौका मिला, लेकिन उनके सामने एक नई चुनौती थी: वैभव सूर्यवंशी से जुड़ी बड़ी उम्मीदें.
वैभव सूर्यवंशी के बल्ले ने किया मायूस
वैभव सूर्यवंशी, जिनसे बड़ी और आक्रामक पारी की उम्मीद थी, बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन दुर्भाग्यवश वह अपनी टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए. उन्होंने केवल चार गेंदों पर दो रन बनाए और आउट हो गए. यह दुर्भाग्यपूर्ण था, क्योंकि भारत का स्कोर तब सिर्फ 12 रन था. वैभव सूर्यवंशी इस प्रयास में एक आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे. हालांकि, उनके इस असफल प्रयास के बावजूद उनका नाम क्रिकेट इतिहास में एक अनोखे रिकॉर्ड के साथ दर्ज हो गया.
वैभव सूर्यवंशी के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि
वैभव सूर्यवंशी ने भले ही पारी में केवल दो रन ही बनाए हों, लेकिन उनके लिए इस मैच से जुड़ी सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि वह अब तक के सबसे कम उम्र के आईसीसी अंडर 19 विश्व कप खिलाड़ी बन गए हैं. 14 साल और 294 दिन की उम्र में विश्व कप खेलने का यह रिकॉर्ड वैभव के नाम दर्ज हुआ है. इस रिकॉर्ड के साथ वैभव ने इतिहास रच दिया है, क्योंकि अब तक किसी खिलाड़ी ने 15 साल की उम्र से पहले अंडर 19 विश्व कप में भाग नहीं लिया था.
इससे पहले, कनाडा के खिलाड़ी नितीश कुमार ने 15 साल और 245 दिन की उम्र में आईसीसी अंडर 19 विश्व कप खेला था, लेकिन अब वैभव ने उन्हें पीछे छोड़ दिया है. नितीश कुमार भारतीय मूल के थे, लेकिन कनाडा की टीम के लिए खेलते थे. वैभव ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि यह साबित किया कि उम्र कभी भी किसी खिलाड़ी की कड़ी मेहनत और समर्पण को नहीं रोक सकती. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वैभव के अगले मैचों में क्या प्रदर्शन रहता है. क्या वह अपनी बड़ी पारी के साथ टीम को जीत दिलाने में सफल होंगे, या फिर उनका क्रिकेट इतिहास कुछ और नया मोड़ लेने वाला है?
आने वाले मैचों में वैभव से बड़ी पारियों की उम्मीदें
हालांकि वैभव सूर्यवंशी ने पहले मैच में ज्यादा रन नहीं बनाए, लेकिन उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने उन्हें क्रिकेट की दुनिया में एक नया स्टार बना दिया है. अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि आने वाले मैचों में वैभव अपने प्रदर्शन से कैसे जवाब देते हैं. उनके पास एक शानदार अवसर है अपनी बल्लेबाजी से साबित करने का, और शायद वह अगले मैचों में बड़ा स्कोर बनाकर अपने इतिहास को और भी सुनहरा बना सकते हैं.
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