उत्तराखंड में वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है. राज्य सरकार ने वाहन स्क्रैपिंग नीति को प्रभावी बनाते हुए ऐसा फैसला लिया है, जिससे न सिर्फ लोगों की जेब हल्की होने से बचेगी, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा. अब अगर कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराकर उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदता है, तो उसे मोटर व्हीकल टैक्स में 15 फीसदी से लेकर 50 फीसदी तक की छूट मिलेगी.
राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस फैसले की अधिसूचना जारी कर दी गई है और यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. यानी वाहन मालिक अब बिना किसी इंतजार के इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. सरकार काफी समय से इस प्रस्ताव पर काम कर रही थी, जिसे अब आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है.
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम
इस फैसले के पीछे सरकार की मंशा साफ है—सड़कों से पुराने, ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाना और उनकी जगह आधुनिक, कम प्रदूषण वाले वाहनों को बढ़ावा देना. इससे न केवल वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि ईंधन की खपत भी घटेगी. साथ ही, इस नीति से राज्य को केंद्र सरकार की पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं के तहत प्रोत्साहन राशि मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.
टैक्स छूट पाने के लिए क्या करना होगा
इस योजना का लाभ उठाने के लिए वाहन मालिक को अपनी पुरानी गाड़ी किसी अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर नष्ट करानी होगी. स्क्रैपिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद वाहन मालिक को एक आधिकारिक सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इसी प्रमाण पत्र को दिखाकर जब वह उसी कैटेगरी का नया वाहन खरीदेगा, तब उसे मोटर व्हीकल टैक्स में छूट मिलेगी. बिना स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट के यह सुविधा नहीं दी जाएगी.
कितने समय तक मिलेगी यह छूट
सरकार ने निजी और कमर्शियल वाहनों के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की है. व्यावसायिक यानी कमर्शियल वाहनों के लिए टैक्स छूट एक निश्चित अवधि तक मान्य रहेगी, जबकि निजी वाहनों के मामले में यह अवधि अपेक्षाकृत लंबी रखी गई है. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना से जोड़ना है.
अभी कैसे लगता है वाहन टैक्स
वर्तमान में उत्तराखंड में वाहन की कीमत के आधार पर रजिस्ट्रेशन टैक्स लिया जाता है. दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग टैक्स स्लैब तय हैं. जैसे-जैसे वाहन की कीमत बढ़ती है, टैक्स का प्रतिशत भी बढ़ जाता है, जिससे कुल खर्च काफी ज्यादा हो जाता है.
नई नीति से कितनी होगी बचत
नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन खरीदने वालों को मोटा फायदा मिलेगा. निजी कारों पर टैक्स में करीब 25 फीसदी तक की राहत मिल सकती है, जबकि कमर्शियल वाहनों के लिए भी अच्छी छूट का प्रावधान किया गया है. खास तौर पर पुराने बीएस-1 और बीएस-2 मानकों वाले वाहनों को स्क्रैप कराने पर सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा. महंगे वाहनों के मामले में टैक्स में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की बचत संभव है. कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार का यह फैसला पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम लोगों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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