CNG-PNG होगी सस्ती, आयुष्मान और गोल्डन कार्ड में बदलाव; जानें उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले

    Uttarakhand Cabinet Meeting Decisions: उत्तराखंड सरकार ने अपनी हालिया कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जो राज्य के नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

    Uttarakhand Cabinet Meeting Decisions CNG-PNG will be cheaper
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    Uttarakhand Cabinet Meeting Decisions: उत्तराखंड सरकार ने अपनी हालिया कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जो राज्य के नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इन फैसलों में से कुछ फैसले जहां घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देंगे, वहीं अन्य फैसले स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हैं. आइए, जानते हैं राज्य कैबिनेट द्वारा लिए गए इन बड़े फैसलों के बारे में विस्तार से.

    प्राकृतिक गैस पर वैट घटाने से मिलेगी राहत

    उत्तराखंड सरकार ने प्राकृतिक गैस (पीएनजी और सीएनजी) पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इससे न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी ईंधन सस्ता होगा. यह कदम पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, क्योंकि इससे पर्यावरण के अनुकूल गैस का उपयोग बढ़ेगा. इससे राज्य में सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, जो आम जनता के लिए फायदे का सौदा साबित होगा.

    आयुष्मान योजना को इंश्योरेंस मोड में लाने का निर्णय

    उत्तराखंड सरकार ने अटल आयुष्मान योजना को अब पूरी तरह से इंश्योरेंस मोड में बदलने का फैसला किया है. इससे योजना के तहत लाभार्थियों को कैशलेस इलाज की सुविधा पहले से और अधिक मजबूती से मिलेगी. इसके साथ ही अस्पतालों को भुगतान प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आएगी. यह कदम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करेगा और जरूरतमंद मरीजों के लिए इलाज को अधिक सुलभ बनाएगा.

    गोल्डन कार्ड योजना में हाइब्रिड मॉडल का होगा लागू 

    गोल्डन कार्ड योजना को अब हाइब्रिड मोड में चलाने का निर्णय लिया गया है. इस बदलाव के तहत, 5 लाख रुपये तक के इलाज को इंश्योरेंस मोड में और 5 लाख रुपये से ऊपर के इलाज को ट्रस्ट मोड में किया जाएगा. इससे योजना के संचालन में संतुलन और बेहतर वित्तीय प्रबंधन संभव होगा. यह कदम सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को और अधिक सशक्त बनाएगा और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं उपलब्ध कराएगा.

    अस्पतालों के 125 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान

    उत्तराखंड कैबिनेट ने गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत अस्पतालों के बकाया 125 करोड़ रुपये का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किए जाने को मंजूरी दी है. इससे न केवल सरकारी बल्कि निजी अस्पतालों को भी राहत मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन बिना किसी बाधा के किया जा सकेगा. यह निर्णय राज्य में चिकित्सा क्षेत्र को अधिक सशक्त करेगा और अस्पतालों के लिए वित्तीय स्थिरता लाएगा.

    चिकित्सा शिक्षा में सेवा आयु में वृद्धि

    कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े एक अहम फैसले में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की सेवा आयु को 50 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का निर्णय लिया है. इस कदम से राज्य में चिकित्सा शिक्षा देने वाले अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लाभ छात्रों को लंबे समय तक मिलेगा, जिससे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा.

    उपनल कर्मियों के वेतन पर होगा निर्णय

    उत्तराखंड कैबिनेट ने उपनल कर्मियों के समान कार्य के लिए समान वेतन देने के प्रस्ताव को अगली कैबिनेट बैठक के लिए भेजा है. इसके अलावा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत 277 कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन देने के प्रस्ताव को उप समिति को भेजा गया है. यह कदम राज्य सरकार के कर्मचारियों के हक में एक सकारात्मक बदलाव होगा और समान वेतन को सुनिश्चित करेगा.

    आपदाग्रस्त क्षेत्रों के सेब के दाम तय किए गए

    उत्तराखंड के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सेब की कीमतों को लेकर भी कैबिनेट ने एक अहम फैसला लिया है. धराली और आसपास के क्षेत्रों में रॉयल डिलिशियस सेब का मूल्य 51 रुपये प्रति किलो और अन्य रेड डिलिशियस सेब का मूल्य 45 रुपये प्रति किलो तय किया गया है. इससे सेब किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिलेगा.

    कलाकारों और लेखकों की पेंशन बढ़ाई गई

    उत्तराखंड सरकार ने राज्य के संस्कृति क्षेत्र से जुड़े कलाकारों और लेखकों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. उनकी मासिक पेंशन को 3000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है. इस फैसले से कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के कलाकारों को बेहतर जीवनस्तर मिलेगा.

    बांस और रेशा विकास परिषद में बदलाव

    कैबिनेट ने बांस और रेशा विकास परिषद के ढांचे में बदलाव को भी मंजूरी दी है. अब तकनीकी स्टाफ को उपनल के बजाय आउटसोर्सिंग या कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से रखा जाएगा. इसके तहत 13 नए पदों को भरने का निर्णय लिया गया है, जो परिषद के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे. 

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