US Iran conflict: अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ईरान में इस वक्त सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जो देश के भीतर एक गंभीर संकट का रूप ले चुके हैं. ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि ट्रंप आदेश देते हैं, तो अमेरिका ईरान पर कैसे हमला कर सकता है?
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का असर
ईरान इन दिनों अपने इतिहास के सबसे बड़े घरेलू संकट से गुजर रहा है. सरकार और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों में अब तक 2500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. इन घटनाओं के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अमेरिका ईरान में हो रहे प्रदर्शनों के समर्थन में हस्तक्षेप कर सकता है, जिससे वाशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है.
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी हमला उलटे परिणाम दे सकता है, क्योंकि बाहरी हमले से ईरान की सरकार राष्ट्रवाद का सहारा लेकर जनता को अपनी तरफ कर सकती है, जिससे प्रदर्शनकारियों का मनोबल टूट सकता है.
अमेरिका के रणनीतिक सैन्य ठिकाने
अमेरिका की मध्य-पूर्व क्षेत्र में व्यापक सैन्य उपस्थिति है. ओमान, कतर, बहरीन, कुवैत और इराक जैसे देशों में अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने हैं. इन ठिकानों के जरिए अमेरिका अपनी रणनीतिक ताकत दिखाता है, लेकिन इन जगहों पर जवाबी हमले का खतरा भी बना रहता है. पिछले साल, ईरान ने एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया था, जिसके बाद अमेरिका को कुछ जगहों से अपनी सैनिकों की संख्या कम करनी पड़ी थी. इस हमले के बाद ईरान ने स्पष्ट रूप से यह चेतावनी दी थी कि वह किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है.
अमेरिका के पास कौन-कौन से सैन्य विकल्प?
हवाई हमला
अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने ठिकानों से B-2 बॉम्बर और फाइटर जेट्स के जरिए ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले कर सकता है. यह हमला तेजी से किया जा सकता है, जिससे ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को क्षति पहुंचेगी.
समुद्र से हमला
अमेरिकी युद्धपोतों, एयरक्राफ्ट कैरियर या पनडुब्बियों से क्रूज मिसाइलें दागी जा सकती हैं. ये मिसाइलें ईरान के अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला करेंगी.
ड्रोन हमला
अमेरिका अपनी सटीकता के लिए सशस्त्र ड्रोन का इस्तेमाल कर सकता है. यह हमला ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड और उन इकाइयों पर किया जा सकता है जो प्रदर्शनों को दबाने में शामिल हैं.
साइबर युद्ध
अमेरिका ईरान की सैन्य कमांड, संचार नेटवर्क और सिस्टम पर साइबर हमले कर सकता है. इससे ईरान की प्रतिक्रिया क्षमता कमजोर हो सकती है और उसे जवाब देने में कठिनाई हो सकती है.
गुप्त स्पेशल फोर्स ऑपरेशन
अमेरिका के विशेष दल ईरान के अहम सैन्य या रणनीतिक ठिकानों पर बिना सीधे युद्ध में उतरते हुए तोड़फोड़ कर सकते हैं. इससे बिना खुले युद्ध के ईरान की सैन्य क्षमता पर असर पड़ सकता है.
लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला
अमेरिका लंबी दूरी की मिसाइलों से ईरान के मिसाइल निर्माण कारखानों या परमाणु ठिकानों को निशाना बना सकता है. इस प्रकार के हमले अमेरिका पहले भी कर चुका है और यह अधिक सीमित लेकिन प्रभावी हो सकता है.
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