Tonk Explosive Recovery: राजस्थान में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कार्रवाई सामने आई है. टोंक जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है. टोंक-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर की गई इस कार्रवाई से न सिर्फ प्रशासन में हलचल मच गई, बल्कि पूरे इलाके में सुरक्षा अलर्ट भी बढ़ा दिया गया है.
यह कार्रवाई डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) ने एनएच-52 पर नाकाबंदी के दौरान की. डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में टीम को खुफिया सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए विस्फोटक सामग्री की तस्करी की जा रही है. सूचना के आधार पर बरौनी थाना क्षेत्र में चेकिंग शुरू की गई, जहां एक संदिग्ध मारुति सियाज कार को रोका गया.
#WATCH | Tonk, Rajasthan: DSP Mrityunjay Mishra says, "Explosives were seized from a Maruti Ciaz car. 150 kg of ammonium nitrate hidden in sacks of urea seized. In addition, police recovered 200 explosive batteries and 1100 meters of wire. Two accused have been arrested. One is… pic.twitter.com/RYPLPW7ZgE
— ANI (@ANI) December 31, 2025
खाद के कट्टों में छुपाकर ले जाया जा रहा था विस्फोटक
कार की तलाशी लेने पर पुलिस भी हैरान रह गई. यूरिया खाद के कट्टों के अंदर छुपाकर करीब 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट, 200 डेंजर एक्सप्लोसिव कार्टेज और सेफ्टी फ्यूज वायर के 6 बंडल (लगभग 1100 मीटर) बरामद किए गए. विस्फोटक सामग्री को इस तरह छुपाया गया था कि पहली नजर में किसी को शक न हो.
दो आरोपी गिरफ्तार, गहन पूछताछ जारी
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुरेंद्र पटवा और सुरेंद्र मोची के रूप में हुई है, जो बूंदी जिले के करवर क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं. दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विस्फोटक कहां से लाया गया था और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था.
अमोनियम नाइट्रेट को लेकर एजेंसियां सतर्क
टोंक के डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि बरामद अमोनियम नाइट्रेट खतरनाक श्रेणी में आता है और इसका इस्तेमाल गंभीर विस्फोटक घटनाओं में किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हाल के समय में देश के कुछ हिस्सों, खासकर दिल्ली में हुई घटनाओं में भी इस तरह के पदार्थों के इस्तेमाल की बातें सामने आई हैं, इसलिए इस बरामदगी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है.
बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच तेज
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह विस्फोटक किसी बड़ी साजिश के तहत एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा रहा था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस तस्करी का संबंध किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से तो नहीं है. बरामद पूरी सामग्री को जब्त कर लिया गया है और मामले की गहराई से जांच जारी है.
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
इस कार्रवाई के बाद टोंक सहित आसपास के जिलों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. हाईवे और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके.
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