Navjot Kaur Sidhu News: पंजाब कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी, नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी ने प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा बडिंग ने यह फैसला लिया. बताया जा रहा है कि उनके बयान के बाद पार्टी ने यह कड़ा कदम उठाया है.
नवजोत कौर सिद्धू ने शनिवार, 6 दिसंबर को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उनके परिवार के पास किसी पार्टी को देने के लिए पैसा नहीं है. उनका बयान राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा गया.
Dr Navjot Kaur Sidhu has been suspended from the Congress party with immediate effect. pic.twitter.com/8dGjNaLn5n
— ANI (@ANI) December 8, 2025
क्या कहा था नवजोत कौर ने?
उन्होंने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू सक्रिय राजनीति में तभी लौटेंगे जब कांग्रेस उन्हें पंजाब में पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करेगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि राजनीतिक पोजीशन पाने के लिए भारी रकम की आवश्यकता होती है. नवजोत कौर ने कहा, “मुख्यमंत्री वही बनता है जो 500 करोड़ रुपए की ‘सूटकेस’ देता है. हमारे पास इतनी रकम नहीं है, लेकिन हमारे पास पंजाब को एक ‘सुनहरा राज्य’ बनाने की क्षमता है.” इस बयान ने पार्टी में और बाहर दोनों जगह हलचल मचा दी.
राजनीतिक विरोध और अन्य पार्टियों की प्रतिक्रिया
नवजोत कौर के बयान के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई. विशेष रूप से बीजेपी और आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस पर निशाना साधा. आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि नवजोत कौर के बयान से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस में भ्रष्टाचार व्याप्त है.
उन्होंने कहा कि अगर उम्मीदवार बनने के लिए भी भारी रकम की जरूरत होती है, तो पार्टी की स्थिति को समझा जा सकता है. बीजेपी की आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई राज्यों में पार्टी के अंदरूनी भ्रष्टाचार और धनबल के मामलों की रिपोर्ट सामने आती रही हैं. उन्होंने लोकतंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया.
सियासी पृष्ठभूमि और असर
नवजोत सिंह सिद्धू खुद पहले पंजाब कांग्रेस में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं. उनका नाम पार्टी के शीर्ष पदों और मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल रहा है. नवजोत कौर का बयान और उनके निलंबन से पार्टी के भीतर सियासी समीकरण बदल सकते हैं.
विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत बयान तक सीमित नहीं है. इससे कांग्रेस की पारदर्शिता, आंतरिक लोकतंत्र और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं. आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह विवाद पार्टी के लिए चुनौती साबित हो सकता है.
निलंबन के बाद पंजाब कांग्रेस में चर्चा तेज
नवजोत कौर सिद्धू के निलंबन ने पंजाब कांग्रेस में राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है. उनके बयान ने यह संकेत दिया कि पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर नाराजगी मौजूद है. अन्य पार्टियों द्वारा इस मामले को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाना, आगामी चुनावों में राजनीतिक परिदृश्य को और जटिल बना सकता है.
पंजाब की राजनीति में यह मामला आगे और विवाद उत्पन्न कर सकता है, खासकर जब पार्टी अपने उम्मीदवारों और नेतृत्व के चयन को लेकर सार्वजनिक रूप से आलोचना झेल रही हो.
यह भी पढ़ें- लखनऊ में गर्लफ्रेंड ने कर दिया बड़ा कांड, गला काटकर बॉयफ्रेंड को उतारा मौत के घाट, फिर खुद बुलाई पुलिस