पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला, 12 प्रमुख कैटेगरी के 300 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की लिस्टिंग को मिली मंजूरी

    Punjab Cabinet Decisions: पंजाब सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और खनन क्षेत्र में सुधार लाने के लिए कुछ बड़े कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई.

    Punjab Cabinet approves empanelment of 300 specialist doctors in 12 major categories
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    Punjab Cabinet Decisions: पंजाब सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और खनन क्षेत्र में सुधार लाने के लिए कुछ बड़े कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई. इनमें से एक महत्वपूर्ण फैसला 12 प्रमुख श्रेणियों के तहत 300 विशेषज्ञ डाक्टरों को सूचीबद्ध करने का था. इससे प्रदेश के लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही कैबिनेट ने सहकारी समितियों के लिए अनुशासनात्मक और अपीलीय ढांचे को भी मंजूरी दी है, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी. इसके अलावा, खनन क्षेत्र में सुधार के लिए पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई.

    300 विशेषज्ञ डाक्टरों का चयन

    पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अहम पहल करते हुए 12 प्रमुख श्रेणियों के तहत 300 विशेषज्ञ डाक्टरों को सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया है. इन श्रेणियों में मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, साइकियाट्री, डर्मेटोलॉजी, चेस्ट एवं टी.बी., सर्जरी, गायनेकोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी, ई.एन.टी. और एनेस्थीसियोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं. इससे राज्य के नागरिकों को सेकेंडरी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार मिलेगा. इस पहल के तहत विशेषज्ञ डाक्टरों को जिला स्तर पर सिविल सर्जनों के माध्यम से सूचीबद्ध किया जाएगा. सूचीबद्ध होने के बाद ये विशेषज्ञ ओ.पी.डी., आई.पी.डी., इमरजेंसी, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सा सेवाओं के लिए कार्य करेंगे. इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाना है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज मिल सके और अस्पतालों में भीड़-भाड़ कम हो.

    सहकारी संस्थाओं में अनुशासनात्मक ढांचा

    कैबिनेट ने पंजाब को-ऑपरेटिव सोसायटीज नियम, 1963 में संशोधन करते हुए एकसमान अनुशासनात्मक और अपीलीय ढांचे को मंजूरी दी है. यह नया ढांचा सहकारी संस्थाओं के भीतर पारदर्शिता और स्पष्टता लाएगा. इससे एक ही मामले में अलग-अलग निर्णय लेने की स्थिति समाप्त होगी और किसी भी अपील की सुनवाई एक ही बार होगी. इस निर्णय से कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा होगी और संस्थागत जवाबदेही को भी मजबूत किया जाएगा. इससे सहकारी क्षेत्र के कामकाजी ढांचे में एकरूपता आएगी, खासकर पंजाब के केंद्रीय सहकारी बैंकों और अन्य शीर्ष संस्थाओं में.

    खनन क्षेत्र में सुधार की दिशा में कदम

    पंजाब सरकार ने खनन क्षेत्र में सुधार के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है. मंत्रिमंडल ने पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में संशोधन को मंजूरी दी है. यह संशोधन राज्य में खनन सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-हितैषी बनाने के लिए किया गया है. इस संशोधन के तहत क्रशर माइनिंग साइट्स और भूमि मालिकों के माइनिंग अधिकारों के आवंटन में सुधार किया जाएगा. इससे खनन क्षेत्र में दक्षता बढ़ेगी और नियमों का पालन करने में आसानी होगी. यह बदलाव राज्य के खनन क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करेगा और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा.

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