Betul Accident News: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में शुक्रवार को एक गंभीर सड़क दुर्घटना में 31 ग्रामीण घायल हो गए. यह हादसा खेड़ली बाजार-बोरदेही मार्ग पर, ग्राम टूरा बोरगांव के पास घाट क्षेत्र में हुआ. जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें सभी सवार गंभीर रूप से प्रभावित हुए.
घायकों ने बताया कि वाहन छिंदवाड़ा जिले के ग्राम सेमरिया से निकलकर मुलताई में आयोजित दसवां कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था. हादसे के समय वाहन चालक ने सामने अचानक आए मोटरसाइकिल सवार को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान वाहन पर नियंत्रण खो गया और पिकअप पलट गया.
घायकों में सेमरिया के ग्रामीणों के अलावा उमेनडोल और चोपना क्षेत्र के लोग भी शामिल थे. इस घटना में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी घायल हुए हैं, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई.
घायलों का अस्पताल में उपचार
दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही तीन एंबुलेंस के माध्यम से सभी घायलों को मुलताई के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल के बीएमओ प्रवीण मीणा ने बताया कि अधिकांश घायलों को मामूली और अंदरूनी चोटें आई हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर है और प्राथमिक उपचार किया जा चुका है.
घायकों ने बताया कि वाहन पलटने के समय डर और अचानक हुई घटना के कारण कई लोग चोटिल हुए. अस्पताल में उनकी प्राथमिक चिकित्सा के बाद कुछ घायलों को घरेलू देखभाल के लिए भेजा गया, जबकि गंभीर हालत वाले मरीजों का अस्पताल में निगरानी जारी है.
ग्रामीण इलाकों में मालवाहक वाहनों में सवारी की समस्या
इस दुर्घटना ने एक बार फिर मालवाहक वाहनों में सवारी ले जाने की गंभीर समस्या को उजागर किया है. ग्रामीण इलाकों में अक्सर पिकअप और अन्य मालवाहक वाहनों से लोगों को ढोया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जाता.
विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस तरह की लापरवाही के कारण ग्रामीण इलाकों में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है.
प्रशासन और सुरक्षा के उपाय
हालांकि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कई बार चेतावनी और अभियान चलाए गए हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई अब तक समान्य नहीं हो पाई है. यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन को ग्रामीण इलाकों में मालवाहक वाहनों में सवारी पर नियंत्रण, सख्त नियमों का पालन और सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य जांच जैसे कदम उठाने की आवश्यकता है.
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है. ग्रामीण इलाकों में नियमित निगरानी, ड्राइवर प्रशिक्षण, और सवारी सीमा का कड़ाई से पालन इस दिशा में मददगार साबित हो सकते हैं.
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