मंगलवार को नहीं बिकेगा नॉन-वेज.. उत्तराखंड के इस शहर में जारी हुआ आदेश, नियम तोड़ने पर होगा एक्शन

    रुद्रपुर नगर निगम ने नए साल से हर मंगलवार को नगर निगम क्षेत्र की सभी नॉनवेज दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है. यह निर्णय धार्मिक आस्थाओं के सम्मान और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.

    Non-veg will not be sold in Rudrapur Uttarakhand on Tuesday
    Image Source: Freepik

    उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के रूप में जाना जाता है, जहां धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का विशेष महत्व है. वहां एक अनोखा कदम उठाया है. रुद्रपुर नगर निगम ने नए साल से हर मंगलवार को नगर निगम क्षेत्र की सभी नॉनवेज दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है. यह निर्णय धार्मिक आस्थाओं के सम्मान और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है. इस आदेश ने रुद्रपुर शहर में एक नई चर्चा का जन्म दिया है, जहां एक ओर इसे धार्मिक सम्मान के रूप में देखा जा रहा है, तो दूसरी ओर व्यापारियों में चिंता भी बनी हुई है.

    हर मंगलवार को नॉनवेज की दुकानें रहेंगी बंद

    रुद्रपुर नगर निगम के महापौर विकास शर्मा ने इस फैसले के संबंध में मीट और मछली विक्रेताओं की एक बैठक आयोजित की. बैठक में महापौर ने यह स्पष्ट कर दिया कि नए साल की शुरुआत से ही नगर निगम क्षेत्र में हर मंगलवार को सभी नॉनवेज दुकानों को बंद रखा जाएगा. यह आदेश विशेष रूप से शहर के मुख्य और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लागू किया जाएगा. महापौर ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि इस आदेश का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

    उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई

    महापौर विकास शर्मा ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई दुकानदार मंगलवार के दिन नॉनवेज की दुकान खोलते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई में जुर्माना और दुकान को सील करने जैसे कदम शामिल होंगे. नगर निगम की टीमें नियमित रूप से निरीक्षण करेंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आदेश का पालन सख्ती से हो रहा है.

    धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान

    महापौर ने इस फैसले की वजह के बारे में बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी हुई है. मंगलवार का दिन विशेष रूप से धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और इस दिन के प्रति श्रद्धा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. इस निर्णय के माध्यम से नगर निगम का उद्देश्य लोगों की भावनाओं का सम्मान करना और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है.

    व्यापारियों की चिंताएं और शहर की प्रतिक्रिया

    नगर निगम के इस फैसले के बाद शहर में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. जहां धार्मिक संगठनों और आस्था से जुड़े लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है, वहीं कुछ व्यापारियों में इस फैसले को लेकर चिंता भी व्यक्त की जा रही है. व्यापारियों का मानना है कि सप्ताह में एक दिन दुकानें बंद रहने से उनके कारोबार पर असर पड़ सकता है. वे यह भी आशंका जता रहे हैं कि इससे उनके रोज़गार में कमी आ सकती है और व्यापारिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर हो सकता है.

    ये भी पढ़ें: हरिद्वार: कुख्यात विनय त्यागी को पेशी पर ले जाने के दौरान पुलिस वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग, दो पुलिसकर्मी घायल