पूर्व रेल मंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. दिल्ली की अदालत से उन्हें और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है. ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले से जुड़े मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोप तय करने का आदेश दे दिया है. इस फैसले के बाद अब मामले की सुनवाई औपचारिक रूप से ट्रायल के स्तर पर आगे बढ़ेगी.
दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि रेलवे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के बदले जमीन लेने से जुड़े इस मामले में प्रथम दृष्टया गंभीर साक्ष्य मौजूद हैं. अदालत ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से यह संकेत मिलता है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें लालू यादव, उनके परिजन और करीबी सहयोगी शामिल बताए जा रहे हैं. इसी आधार पर कोर्ट ने सभी प्रमुख आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया.
साजिश के पुख्ता संकेत
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि चार्जशीट में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे यह संदेह मजबूत होता है कि नौकरी दिलाने के बदले जमीन हासिल करने की योजना को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया. कोर्ट के मुताबिक, लालू यादव के करीबी लोगों ने इस कथित घोटाले में सह-साजिशकर्ता की भूमिका निभाई और जमीन के लेन-देन में सक्रिय सहयोग किया.
#WATCH | Delhi | Land for job case | Advocate Azaz Ahmed," The CBI court has framed charges against Lalu Prasad Yadav, Misa Bharti, Tejashwi Yadav, Tej Pratap Yadav and Hema Yadav under sections 420, 120B and 13 IPC...Formal charges will be framed on January 29." https://t.co/OKFN0LpHXg pic.twitter.com/PDynHnfRev
— ANI (@ANI) January 9, 2026
बरी करने की दलील खारिज
लालू यादव और उनके परिवार की ओर से दाखिल बरी किए जाने की याचिकाओं को कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया. अदालत का कहना था कि मामले में ऐसे पर्याप्त संकेत हैं, जो यह दर्शाते हैं कि आरोपी केवल सरकारी पद की भूमिका में नहीं, बल्कि एक आपराधिक उद्यम की तरह काम कर रहे थे. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि इस मामले में संवैधानिक अधिकारों और प्रशासनिक विवेक का दुरुपयोग हुआ है.
लैंड फॉर जॉब केस से जुड़ी खबर
— Bharat 24 - Vision Of New India (@Bharat24Liv) January 9, 2026
राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू परिवार पर आरोप तय किए
40 से ज्यादा लोगों पर आरोप तय किए गए
52 लोगों को बरी किया गया
लालू परिवार ने क्रिमिनल सिंडिकेट की तरह काम किया-कोर्ट
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किन धाराओं में चलेगा मुकदमा
अदालत ने कुल 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं. इनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी) और 13(2) के तहत भी मुकदमा चलेगा. वहीं दूसरी ओर, कोर्ट ने 52 आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया है. चार्जशीट की समीक्षा के बाद अदालत ने माना कि इन व्यक्तियों के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं पाए गए. इस फैसले के बाद ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है. अब सभी की निगाहें आगे की सुनवाई और ट्रायल पर टिकी हैं, जहां इस कथित घोटाले की परतें खुलने की संभावना है.
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