Mysterious Lake: भारत जैसे देश में रहस्य, आस्था और परंपराएं कदम-कदम पर मिलती हैं. लेकिन जब बात अरबों के खजाने की हो और उसमें जुड़े हों देवता, नाग और सदियों पुरानी परंपराएं, तो मामला और भी दिलचस्प हो जाता है. हिमाचल प्रदेश की कमरुनाग झील ठीक वैसा ही एक रहस्यमयी स्थान है, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि खजाने की कहानियों के लिए भी मशहूर है.
कहां है कमरुनाग झील?
यह रहस्यमयी झील हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में, रोहांडा के घने जंगलों में स्थित है. मंडी से इसकी दूरी लगभग 60 किलोमीटर है. झील तक पहुंचने के लिए कठिन ट्रेकिंग करनी पड़ती है, जो इसे और भी रोमांचक बनाती है.
झील में क्यों डाले जाते हैं सोना-चांदी के आभूषण?
कमरुनाग झील के पास ही भगवान कमरुनाग का प्रसिद्ध मंदिर है. मान्यता है कि जो भी भक्त यहां आकर मन्नत मांगता है, उसकी इच्छाएं पूरी होती हैं. जब वह मुराद पूरी हो जाती है, तो लोग झील में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती वस्तुएं समर्पित करते हैं. सदियों से चली आ रही इस परंपरा के चलते कहा जाता है कि इस झील में अब अरबों रुपये का खजाना छिपा है.
लेकिन कोई क्यों नहीं निकाल पाया ये खजाना?
इस खजाने को पाने की कोई कोशिश नहीं करता, और इसका कारण एक चौंकाने वाली मान्यता है. कहा जाता है कि झील की रक्षा एक ज़हरीला नाग करता है, जो किसी को भी खजाने तक पहुंचने नहीं देता. जो भी व्यक्ति झील में उतरने या खजाने को छूने की कोशिश करता है, वह नाग उसका अंत कर देता है.
झील की गहराई क्या सच में पाताल तक जाती है?
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह झील केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि सीधा पाताल लोक तक जुड़ी हुई है. यही वजह है कि कोई इसकी गहराई माप नहीं पाया, और लोग झील में उतरने से भी डरते हैं. कमरुनाग झील केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. यह स्थान न केवल पर्यटकों के लिए एक रहस्य है, बल्कि वैज्ञानिकों और इतिहासकारों के लिए भी एक अनसुलझी पहेली है.
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