तेल अवीव: गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच लागू संघर्षविराम एक बार फिर खतरे में नजर आ रहा है. इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने पुष्टि की है कि दक्षिणी गाजा में संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के बाद उसे सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी, जिसमें कई हथियारबंद आतंकवादी मारे गए हैं. इस घटना को इजरायल ने सीजफायर समझौते का खुला उल्लंघन बताया है.
आईडीएफ के अनुसार, हालिया घटनाक्रम पश्चिमी राफा क्षेत्र में सामने आया, जहां तैनात इजरायली सैनिकों के पास छह हथियारबंद आतंकवादियों की मौजूदगी का पता चला. यह जानकारी फील्ड ऑब्जर्वर्स द्वारा दी गई, जिन्होंने इलाके में संदिग्ध गतिविधि को तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया.
टैंकों की तैनाती और मुठभेड़
जानकारी मिलते ही इजरायली सेना ने मौके पर टैंक यूनिट्स को तैनात किया. जैसे ही टैंक इलाके में पहुंचे, आतंकवादियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इजरायली सेना ने टारगेटेड हवाई हमलों का भी सहारा लिया.
आईडीएफ के मुताबिक, यह मुठभेड़ गाजा पट्टी की तथाकथित ‘येलो लाइन’ के भीतर हुई, जो इजरायल के नियंत्रण वाला संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. सेना का कहना है कि आतंकवादी सैनिकों के बेहद करीब पहुंच चुके थे, जिससे खतरा और बढ़ गया था.
सभी छह आतंकवादी मारे गए
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स और सेना के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस झड़प में सभी छह हथियारबंद आतंकवादी मारे गए. आईडीएफ ने बताया कि यह कार्रवाई 7वीं आर्मर्ड ब्रिगेड के सैनिकों द्वारा की गई. मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें आतंकवादियों के पास से कई तरह के हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए.
सेना ने साफ किया कि यह पूरी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई और इसका उद्देश्य सैनिकों और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था.
सीजफायर का गंभीर उल्लंघन: IDF
आईडीएफ ने इस घटना को अक्टूबर में हुए सीजफायर समझौते का गंभीर उल्लंघन करार दिया है. सेना ने दोहराया कि वह गाजा में सक्रिय आतंकवादी संगठनों द्वारा इजरायली सेना या नागरिकों को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश का सख्ती से जवाब देती रहेगी.
इजरायली अधिकारियों का कहना है कि अगर ऐसी गतिविधियां जारी रहीं तो सैन्य कार्रवाई और तेज की जा सकती है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है.
क्षेत्रीय हालात और ईरान का एंगल
इस बीच, मध्य पूर्व में तनाव केवल गाजा तक सीमित नहीं है. ईरान में जारी सरकार-विरोधी अशांति को देखते हुए इजरायली सेना ने खुद को हाई अलर्ट पर रखा है. आईडीएफ ने सोमवार को कहा कि वह किसी भी “अचानक उत्पन्न होने वाली स्थिति” से निपटने के लिए तैयार है.
ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौतों को लेकर अमेरिका ने हस्तक्षेप की चेतावनी दी है. वहीं, तेहरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर अमेरिका या उसके सहयोगी हमला करते हैं, तो वह इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा.
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