जींद: हरियाणा के जींद शहर में जल्द ही परिवहन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा जाएगा. जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अब जींद रेलवे स्टेशन पर आ चुकी है. इस हाइड्रोजन ट्रेन के आगमन से न केवल पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि यात्री सफर भी बहुत आरामदायक और तेज़ हो जाएगा. फिलहाल, हाइड्रोजन गैस प्लांट की टेस्टिंग का कार्य जारी है, और इस महीने के अंत तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को देश को समर्पित करेंगे.
हाइड्रोजन गैस से चलेगी यह ट्रेन
जींद रेलवे जंक्शन पर लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से हाइड्रोजन गैस प्लांट का निर्माण हो रहा है, जो करीब दो हजार मीटर क्षेत्र में फैला होगा. इस प्लांट के माध्यम से हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन बनाई जा रही है, जो पर्यावरण के लिए बेहद फायदेमंद होगी. इस ट्रेन से धुआं नहीं निकलेंगे, क्योंकि यह ट्रेन हाइड्रोजन ईंधन से चलेगी, जो सिर्फ भाप और पानी छोड़ती है. यानी, ट्रेन का सफर न सिर्फ प्रदूषण रहित होगा, बल्कि यह ट्रेन पर्यावरण के लिए भी अनुकूल साबित होगी.
ट्रेन की रफ्तार और माइलेज
हाइड्रोजन ट्रेन की रफ्तार और क्षमता डीजल ट्रेन के समान होगी. एक किलो हाइड्रोजन करीब साढ़े चार लीटर डीजल के बराबर माइलेज देगा. इसके अलावा, हाइड्रोजन ट्रेन का रखरखाव भी काफी सस्ता होगा, और यह ट्रेन इलेक्ट्रिक ट्रेनों की तुलना में दस गुना अधिक दूरी तय करने में सक्षम होगी. 360 किलोग्राम हाइड्रोजन के साथ यह ट्रेन 180 किलोमीटर तक का सफर तय करेगी.
यात्री सुविधा और कम लागत
यह हाइड्रोजन ट्रेन यात्रियों के लिए आरामदायक सफर सुनिश्चित करेगी, क्योंकि इसमें शोर कम होगा और रखरखाव की लागत भी बेहद कम रहेगी. इस ट्रेन में दो पावर प्लांट होंगे, और इसमें ईंधन सेल का उपयोग किया जाएगा, जो लागत और रखरखाव दोनों ही मामलों में सस्ता साबित होगा. ट्रेन में आरामदायक सफर के लिए यात्री कोई भी शोर या ध्वनि महसूस नहीं करेंगे.
90 किलोमीटर का सफर अब होगा आसान
जींद और सोनीपत के बीच की यात्रा अब काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी. हाइड्रोजन ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी, और इस दूरी को केवल एक घंटे में पूरा किया जाएगा. फिलहाल, जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली डीएमयू ट्रेन इस दूरी को दो घंटे में तय करती है, जबकि रोड से यात्रा करने पर डेढ़ घंटे का समय लगता है. अब इस हाइड्रोजन ट्रेन से समय की बचत होगी, और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी.
किराया और क्षमता
हाइड्रोजन ट्रेन का किराया भी काफी सस्ता होगा. न्यूनतम किराया पांच रुपये और अधिकतम 25 रुपये रखा गया है. यह ट्रेन 2500 यात्रियों को बैठने की क्षमता प्रदान करेगी, जिससे अधिक लोगों को यात्रा करने की सुविधा मिलेगी. हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन जींद से सोनीपत तक किया जाएगा, और बाद में इसे अन्य मार्गों पर भी विस्तार दिया जाएगा.
हाइड्रोजन गैस प्लांट और जल आपूर्ति
इस हाइड्रोजन ट्रेन के लिए ज़रूरी हाइड्रोजन गैस को एक भंडारण प्लांट से प्राप्त किया जाएगा, जो जमीन के नीचे स्थित होगा. इसमें लगभग तीन हजार किलोग्राम गैस का भंडारण होगा. ट्रेन को हर घंटे 40 हजार लीटर पानी की आवश्यकता होगी, और इसके लिए स्टेशन की छतों का पानी भी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा. इससे पानी की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी और ट्रेन की निर्बाध गति बनी रहेगी.
पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
यह ऐतिहासिक ट्रेन जींद पहुंच चुकी है और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी माह देश को समर्पित करेंगे. साथ ही, जींद रेलवे जंक्शन का भी उद्घाटन किया जाएगा. विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने बताया कि इस ट्रेन के उद्घाटन के बाद, यह जींद से सोनीपत के बीच अपनी यात्रा शुरू कर देगी, और फिर धीरे-धीरे इसके विस्तार की योजना भी बनाई जाएगी.
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