जयपुर से बेंगलुरु जा रहे एक यात्री विमान की इमरजेंसी लैंडिंग इंदौर एयरपोर्ट पर उस वक्त करवाई गई, जब फ्लाइट में सफर कर रहे एक वर्षीय बच्चे की तबीयत अचानक खराब हो गई. बच्चे को सांस लेने में गंभीर समस्या हो रही थी, जिसके कारण पायलट ने तत्काल नजदीकी एयरपोर्ट पर लैंडिंग का निर्णय लिया. हालांकि, उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई, जिससे परिवार में गहरा शोक है.
सांस लेने में दिक्कत, तत्काल मदद की कोशिशें नाकाम
जयपुर से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट में अबरार नामक एक वर्षीय बच्चा अपने माता-पिता के साथ यात्रा कर रहा था. उड़ान के दौरान बच्चे को अचानक सांस लेने में दिक्कत शुरू हो गई. उसके माता-पिता ने तुरंत केबिन क्रू को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद विमान में मौजूद मेडिकल सुविधाओं के जरिए बच्चे को प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की गई. लेकिन बच्ची की हालत बिगड़ती चली गई, जिससे सभी की चिंता और बढ़ गई.
पायलट ने लिया इमरजेंसी लैंडिंग का निर्णय
मामला गंभीर होने के कारण पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी. इसके बाद विमान को इंदौर एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से उतारा गया. एयरपोर्ट पर पहले से तैयार मेडिकल टीम और एंबुलेंस ने बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की. हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे को बचाया नहीं जा सका और उसकी मौत हो गई.
इंदौर एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने दी जानकारी
इंदौर एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील मग्गिरवार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि बच्चे की तबीयत बहुत ही गंभीर थी, इसलिए फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई. उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन ने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया और मेडिकल सहायता भी तुरंत उपलब्ध करवाई गई.
परिवार को हर संभव सहायता का वादा
इस दुखद घटना के बाद इंदौर एयरपोर्ट की ओर से परिवार को हर संभव सहायता देने का वादा किया गया है. डायरेक्टर सुनील मग्गिरवार ने कहा कि एयरलाइन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पूरी कोशिश की है कि परिवार को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. हालांकि, घटना के बाद कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और फ्लाइट को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया.
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