Cold Wave Alert: उत्तर भारत में ठंड का असर इस समय पूरे जोरों पर है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण इस इलाके में शीतलहर और घने कोहरे ने हालात को और भी सख्त कर दिया है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं जताई है. कश्मीर में भी बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है. यह स्थिति खासतौर पर मैदानी क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में और भी ज्यादा कठिनाई पैदा कर सकती है.
शीतलहर का बढ़ता असर
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक उत्तर भारत में ठंड का असर बना रहेगा. इस दौरान कश्मीर से लेकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक शीतलहर की स्थिति हो सकती है. इन इलाकों में ठंड बढ़ेगी और इसके बाद ही ठंड के असर में धीरे-धीरे कमी आ सकती है.
शीत दिवस की संभावना
अगले दो दिनों में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है. यानी दिन के समय भी ठंड का असर बना रहेगा और तापमान सामान्य से काफी कम रह सकता है. इस दौरान रात का तापमान भी काफी गिर सकता है, जिससे लोगों को खासे कठिनाई का सामना करना पड़ेगा.
कोहरे का कहर
मौसम विभाग ने 16 जनवरी तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छाने की चेतावनी दी है. खासकर दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सुबह और रात के समय दृश्यता में कमी आ सकती है. घना कोहरा कई जगहों पर ट्रेन और हवाई यातायात को प्रभावित कर सकता है.
विक्षोभ और बर्फबारी
मौसम विभाग के अनुसार, 16 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का कारण बन सकता है. इस विक्षोभ का असर 20 जनवरी तक जारी रहने की संभावना है. इससे ठंड बढ़ सकती है और इन क्षेत्रों में यातायात की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है.
दिल्ली-एनसीआर में मौसम की स्थिति
दिल्ली-एनसीआर में मौसम की बात करें तो हाल के दिनों में तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है. हालांकि, ठंड की स्थिति अभी भी बनी हुई है और कई इलाकों में घना कोहरा देखा गया है. 14 जनवरी को दिल्ली में आसमान साफ रहेगा, लेकिन रात में हल्की धुंध रह सकती है. 15 जनवरी को आंशिक बादल और सुबह के समय कोहरे की संभावना जताई गई है, जबकि 16 और 17 जनवरी को भी हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है.
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