शिमला: हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (MDM) योजना के तहत एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है. राज्य सरकार ने 'तिथि भोजन' की परंपरा को फिर से सक्रिय करने का निर्णय लिया है. इस योजना के तहत अब लोग अपने परिवारिक और सामाजिक अवसरों—जैसे जन्मदिन, शादी या सालगिरह—पर स्कूल के बच्चों को विशेष भोजन परोस सकेंगे. यह कदम न केवल बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, बल्कि यह समाज और स्कूलों के बीच सामंजस्य बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.
‘तिथि भोजन’ योजना का उद्देश्य
मुख्य सचिव संजय गुप्ता की अध्यक्षता में हाल ही में हुई बैठक में इस योजना को फिर से लागू करने का निर्णय लिया गया. यह योजना विशेष रूप से सरकारी स्कूलों में सामाजिक सहभागिता और समुदाय को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर जोर देती है. अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एकता और समझ भी बढ़ेगी.
योजना के तहत आवेदन कैसे करें?
'तिथि भोजन' योजना के तहत कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपने खास अवसरों पर बच्चों को स्वादिष्ट और पोषणयुक्त भोजन दे सकता है, लेकिन इसके लिए उन्हें स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी (SMC) से पहले एक आवेदन प्राप्त करना होगा. यह योजना मिड-डे मील के नियमों के तहत चलेगी, जिसका मतलब है कि भोजन स्कूल में ही तैयार किया जाएगा. बाहर से भोजन लाने की अनुमति नहीं होगी, ताकि गुणवत्ता और स्वच्छता पर कोई समझौता न हो.
SMC का भूमिका और प्रक्रियाएं
SMC को आवेदन देने के बाद, वे तिथि भोजन के आयोजन की तारीख, मेन्यू और अन्य औपचारिकताओं को तय करेंगे. शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि यह योजना पहले भी लागू थी, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण यह प्रभावी नहीं रही. अब इसे और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा और इसके लिए अभिभावकों, स्थानीय संस्थाओं और आम लोगों को जागरूक किया जाएगा.
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