Guruwar Ke Upay: गुरुवार के दिन न करें ये काम, माना गया है महापाप; सुख-समृद्धि...सब कुछ हो सकता तबाह!

    Guruwar Ke Upay: सनातन परंपरा में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह से जुड़ा हुआ माना गया है. इन्हीं दिनों में गुरुवार का विशेष धार्मिक महत्व है. यह दिन सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु को समर्पित होता है.

    Guruwar Ke Upay Guruwar ko na kare aur kya na karein read Guruwar Ke Niyam
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    Guruwar Ke Upay: सनातन परंपरा में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह से जुड़ा हुआ माना गया है. इन्हीं दिनों में गुरुवार का विशेष धार्मिक महत्व है. यह दिन सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु को समर्पित होता है और साथ ही देवगुरु बृहस्पति से भी जुड़ा माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ और व्रत करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

    लेकिन धर्मशास्त्रों में यह भी बताया गया है कि गुरुवार के दिन कुछ ऐसे कार्य हैं, जिन्हें करने से बृहस्पति दोष लग सकता है और इसका सीधा असर जीवन, शिक्षा, नौकरी और पारिवारिक सुख पर पड़ता है. ऐसे में आइए जानते हैं उन कार्यों के बारे में, जिन्हें गुरुवार को करने से बचना चाहिए.

    गुरुवार को इन कार्यों से रखें दूरी

    संतान से जुड़े शुभ कार्य न करें: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति ग्रह को संतान और संतान सुख का कारक माना जाता है. इसलिए गुरुवार के दिन नामकरण, मुंडन या संतान से जुड़े अन्य संस्कारों को करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि ऐसा करने से संतान पक्ष कमजोर हो सकता है.

    पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई न करें: गुरुवार के दिन केला, तुलसी और पीपल जैसे पवित्र वृक्षों की कटाई या छंटाई वर्जित मानी गई है. इस दिन किसी भी प्रकार से पेड़ काटना या पौधों को नुकसान पहुंचाना गुरु दोष का कारण बन सकता है, जिससे जीवन में बाधाएं उत्पन्न होती हैं.

    बाल, दाढ़ी और नाखून न कटवाएं: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को बाल, दाढ़ी या नाखून काटने से बृहस्पति की शक्ति कमजोर हो सकती है. इसका प्रभाव व्यक्ति की पढ़ाई, करियर और मान-सम्मान पर पड़ सकता है. इसलिए इस दिन सौंदर्य से जुड़े कार्य टालना ही शुभ माना गया है.

    कुछ वस्तुओं की खरीदारी से बचें: गुरुवार के दिन पीले रंग के कपड़े, झाड़ू और स्टील के बर्तन खरीदना अशुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे आय में कमी और घर में आर्थिक असंतुलन पैदा हो सकता है. इस दिन जरूरत से ज्यादा खर्च करने से भी बचना चाहिए.

    विवाहित जीवन में क्रोध न करें: बृहस्पति को गृहस्थ जीवन का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में गुरुवार के दिन पति-पत्नी के बीच झगड़ा, क्रोध या कटु वचन बोलना दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ा सकता है. इस दिन संयम और सौहार्द बनाए रखना विशेष फलदायी माना गया है.

    गुरु और बड़ों का अपमान न करें: गुरुवार के दिन गुरु, बुजुर्गों और वरिष्ठ परिजनों का अनादर करना अत्यंत अशुभ माना गया है. कटु वचन या अपमान से कुंडली में गुरु कमजोर हो सकते हैं, जिससे जीवन में मार्गदर्शन और भाग्य का साथ कम हो जाता है. गुरुवार का दिन अगर श्रद्धा, संयम और नियमों के साथ बिताया जाए, तो भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इससे न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है, बल्कि जीवन में स्थिरता, सुख और सकारात्मकता भी बनी रहती है

    Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. भारत 24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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