Naxal Encounter: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र में रविवार तड़के उस वक्त सनसनी फैल गई जब पुलिस और माओवादियों के बीच जोरदार मुठभेड़ शुरू हो गई. रेला गांव के समीप बुरजूवा पहाड़ी पर ये मुठभेड़ आज सुबह शुरू हुई, जो समाचार लिखे जाने तक जारी थी.
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ में 10 लाख के इनामी नक्सली जोनल कमांडर अमित हांसदा उर्फ अपटन मारा गया है, हालांकि अधिकारिक पुष्टि पुलिस अधीक्षक ने बाद में की.
गुप्त सूचना से खुली बड़ी साजिश, समय रहते पहुंची पुलिस
चाईबासा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रेला-पराल क्षेत्र में माओवादियों का एक सक्रिय दस्ता छिपा है. इस इनपुट के आधार पर सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया.
जैसे ही सुरक्षा बल पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचे, छिपे हुए नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला. देखते ही देखते इलाके में गोलियों की गूंज और जंगल में अफरा-तफरी मच गई.
इलाका सील, मुठभेड़ स्थल पर अतिरिक्त फोर्स रवाना
सुरक्षाबलों ने पूरे पहाड़ी क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया है और नक्सलियों के भागने के सारे रास्ते बंद करने की कोशिश की जा रही है. चाईबासा के एसपी राकेश रंजन लगातार ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं. इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है, ताकि किसी भी तरह से नक्सली निकल न सकें.
अब तक क्या मिला?
एक नक्सली के मारे जाने की पुष्टि हुई है.
मारा गया नक्सली अमित हांसदा उर्फ अपटन, जो जोनल कमांडर था.
उसके पास से एक एसएलआर (Self Loading Rifle) बरामद की गई है.
अमित हांसदा पर ₹10 लाख का इनाम घोषित था.
क्यों अहम है यह ऑपरेशन?
रेला और पराल जैसे क्षेत्र झारखंड में लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील माने जाते रहे हैं. इस इलाके में बार-बार नक्सली मूवमेंट की खबरें मिलती रही हैं. ऐसे में इस ऑपरेशन को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.
क्या मुठभेड़ खत्म हो चुकी है?
अब तक की जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. सुरक्षाबल पूरे इलाके की तलाशी ले रहे हैं, ताकि कोई भी नक्सली छिप न सके. यह आशंका भी जताई जा रही है कि आसपास और भी नक्सली मौजूद हो सकते हैं.
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