SIR Draft Voter List In UP: चुनावों से पहले देशभर में चल रही विशेष एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया ने कई बदलावों को जन्म दिया है. यह कदम सरकारी रिकॉर्ड को अपडेट और साफ करने के लिए उठाया गया है ताकि भविष्य में किसी भी प्रशासनिक कार्य में कोई गलती या विवाद न हो. एसआईआर का उद्देश्य नागरिकों के लिए न सिर्फ सहूलियत बढ़ाना है, बल्कि सरकारी डेटा की विश्वसनीयता को भी सुदृढ़ बनाना है.
हाल ही में उत्तर प्रदेश में भी एसआईआर प्रक्रिया पूरी हुई और 2026 के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई. इस लिस्ट में लाखों लोगों के नाम गायब होने की खबरें सामने आईं, जिससे मतदाताओं में हड़कंप मच गया. इस मुद्दे को सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश में एक नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत अब वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए विशेष दिशा-निर्देश तय किए गए हैं.
वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए नया नियम
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट से नाम कटने पर लोगों को अब घबराने की जरूरत नहीं है. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अब आपका जन्म तिथि का सही विवरण बेहद अहम है. यह जन्म तिथि ही यह तय करेगी कि आपको कौन-कौन से दस्तावेज़ देने होंगे. इस बदलाव के कारण नागरिकों को अब अधिक स्पष्टता मिलेगी और वोटर लिस्ट में उनका नाम सही ढंग से जुड़ सकेगा.
कौन से दस्तावेज़ होंगे जरूरी?
अब वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए नागरिकों को अपने जन्म तिथि के आधार पर दस्तावेज़ देने होंगे.
1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्तियों को केवल अपने जन्म प्रमाणपत्र, मार्कशीट या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज़ देने होंगे.
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्तियों को अपने जन्म प्रमाणपत्र के साथ-साथ पिता का दस्तावेज़ भी देना होगा.
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्तियों को दोनों माता-पिता के दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे.
इस नियम के अनुसार, दस्तावेज़ों के आधार पर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सकेगा.
नोटिस भेजने की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों के नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं या जिनके विवरण में कोई गलती पाई गई है, उन्हें नोटिस भेजी जाएगी. यह नियम पुराने और नए सभी आवेदनकर्ताओं के लिए लागू होगा. यदि आपका विवरण 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खाता या उसमें कोई त्रुटि है, तो आपको भी नोटिस मिलेगा.
नोटिस दो कॉपियों में भेजी जाएगी, और इसमें यह साफ तौर पर बताया जाएगा कि आपको कौन से दस्तावेज़ देने हैं. यदि आप फॉर्म-6 भर रहे हैं, तो आपको अपना नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों में लिखना अनिवार्य होगा.
नोटिस का जवाब देने के लिए मिलेगा सात दिन का समय
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि जिनके विवरण में खामियां पाई गई हैं, उन्हें सात दिन का समय दिया जाएगा. इस दौरान, आप अपना फॉर्म भरकर उसे निर्वाचन कार्यालय में जमा कर सकते हैं. यह समय आपके लिए एक अवसर होगा, ताकि आप सही दस्तावेज़ जमा कर सकें और आपका नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो सके.
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