Non-Veg Ban In Ayodhya: अयोध्या धाम में खाद्य पदार्थों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लागू कर दिया गया है. धार्मिक नगरी की पवित्रता और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में नॉनवेज भोजन की बिक्री और परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह आदेश 8 जनवरी से प्रभावी हो चुका है और इसके तहत शहर के कई क्षेत्रों में सख्ती से नियम लागू किए जा रहे हैं.
इस फैसले के बाद अब अयोध्या धाम में किसी भी रूप में नॉनवेज भोजन उपलब्ध नहीं होगा. चाहे वह होटल हो, ढाबा, रेस्टोरेंट, होम-स्टे या फिर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म, सभी पर यह रोक समान रूप से लागू होगी.
ऑनलाइन नॉनवेज बिक्री पर भी रोक
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल भौतिक दुकानों या खाने-पीने के प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं है. ऑनलाइन माध्यम से नॉनवेज भोजन बेचने या डिलीवर करने की भी अनुमति नहीं होगी. यानी फूड डिलीवरी ऐप्स या किसी अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी अयोध्या क्षेत्र में नॉनवेज खाना मंगवाया नहीं जा सकेगा.
परिक्रमा मार्ग रहेगा पूरी तरह शाकाहारी
अयोध्या के परिक्रमा मार्ग को लेकर प्रशासन विशेष रूप से सख्त है. आदेश के मुताबिक परिक्रमा पथ पर नॉनवेज भोजन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस मार्ग पर केवल शाकाहारी भोजन ही उपलब्ध हो.
होटल, ढाबा और होम-स्टे भी नियम के दायरे में
इस नए नियम के तहत शहर में संचालित सभी होटल, ढाबे, गेस्ट हाउस और होम-स्टे को अपने मेन्यू से नॉनवेज आइटम हटाने होंगे. चाहे प्रतिष्ठान छोटा हो या बड़ा, अस्थायी हो या स्थायी, सभी पर यह आदेश समान रूप से लागू किया गया है.
सहायक खाद्य आयुक्त ने जारी किया आदेश
यह निर्देश सहायक खाद्य आयुक्त की ओर से जारी किया गया है. सभी खाद्य व्यवसायियों और प्रतिष्ठानों को औपचारिक रूप से इसकी जानकारी दे दी गई है. आदेश में साफ कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई प्रतिष्ठान इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसका खाद्य लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है. इसके अलावा अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. अधिकारियों के अनुसार यह फैसला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीन पर सख्ती से लागू किया जाएगा.
नियमित निगरानी और तुरंत कार्रवाई
आदेश के साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी. खाद्य विभाग की टीमें समय-समय पर निरीक्षण करेंगी. यदि किसी नागरिक या श्रद्धालु की ओर से शिकायत मिलती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन का तर्क क्या है?
प्रशासन का मानना है कि अयोध्या एक प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में शहर की धार्मिक गरिमा और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी बताया जा रहा है.
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