मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईरान के भीतर बढ़ती हलचल के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है. इजराइली मीडिया चैनल-14 की रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई अपने पूरे परिवार के साथ दुबई जाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसी बीच उनके बेटे द्वारा करीब 1.5 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 1353 करोड़ रुपये, दुबई ट्रांसफर किए गए हैं. हालांकि यह रकम किस उद्देश्य से भेजी गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. ईरान सरकार की ओर से भी इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
अयातुल्लाह अली खामेनेई का परिवार काफी बड़ा माना जाता है. उनकी पत्नी मंसूरेह खोजास्ते के अलावा परिवार में 10 से अधिक सदस्य शामिल हैं. खामेनेई चार बेटों और दो बेटियों के पिता हैं. खासतौर पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम ईरान की राजनीति में काफी प्रभावशाली माना जाता है. मोजतबा को न सिर्फ सत्ता के केंद्र में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता है, बल्कि कई विश्लेषक उन्हें खामेनेई का संभावित उत्तराधिकारी भी बताते हैं.
दुबई को लेकर क्यों उठ रही हैं चर्चाएं?
खामेनेई परिवार के दुबई शिफ्ट होने की अटकलों के पीछे कुछ अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को वजह बताया जा रहा है. पहली वजह यह बताई जा रही है कि वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस की मध्यस्थता से ईरान और इजराइल के बीच एक तरह की समझ बनी है, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे पर पहला हमला नहीं करेंगे. ऐसे हालात में यूएई, खासकर दुबई, ईरान के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित ठिकाना माना जा रहा है.
Israel Channel 14 News | Dror Balazada – Exclusive report:
— דרור בלאזאדה | Dror Balazada (@DBalazada) January 14, 2026
Senior regime officials, including the son of Supreme Leader Khamenei, transferred $1.5 billion over the past two days to escrow accounts in Dubai. pic.twitter.com/zxoMMY6AMZ
दूसरी वजह ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बने व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध हैं. दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में आर्थिक सहयोग बढ़ा है और यमन संकट को लेकर भी बातचीत हुई है. जून 2025 में इजराइल-ईरान तनाव को कम करने में यूएई की भूमिका को भी अहम माना जाता है, जिससे दुबई को एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.
रूस जाने की अटकलें भी आई थीं सामने
दुबई से पहले खामेनेई परिवार के रूस जाने की चर्चाएं भी सुर्खियों में रह चुकी हैं. ब्रिटिश अखबार द टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि किसी बड़े संकट की स्थिति में खामेनेई अपने परिवार के साथ रूस का रुख कर सकते हैं. रूस को लंबे समय से ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता है, खासकर सैन्य और कूटनीतिक मोर्चे पर. फिलहाल 86 वर्षीय खामेनेई अपने परिवार के साथ तेहरान में ही रह रहे हैं.
तीन दशक से ज्यादा समय से सत्ता में
अयातुल्लाह अली खामेनेई को 1989 में ईरान के पहले सर्वोच्च नेता रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था. तब से लेकर अब तक वह ईरान की सत्ता के सबसे मजबूत स्तंभ बने हुए हैं. ऐसे में उनके परिवार को लेकर उठी ये अटकलें क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे रही हैं.
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